यात्री विमान बोइंग 737 मैक्स में तकनीकी खराबी और कई दुर्घटनाओं के बाद कई देशों की विभिन्न एयरलाइनों ने इस विमान का आर्डर कैंसिल कर दिया और सैंकड़ों विमानों की उड़ानों को रोक दिया गया। इस संकट के बाद अमरीका की बोइंग बनाने वाली कंपनी को भारी नुक़सान हो रहा है।
इसी मध्य अब खबर आयी है कि अमरीका का अत्याधिक जेट फाइटर, एफ-35 सन 2019 में तैयारी के निर्धारित उद्देश्य का 80 प्रतिशत भी पूरा नहीं कर पाएगा। यह लक्ष्य अमरीका के पूर्व रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने निर्धारित किया था।
पेटांगन के कार्यकारी प्रमुख मार्क एस्पर ने जिन्हें ट्रम्प जेम्स मैटिस की जगह लाने का इरादा रखते हैं, सीनेट की एक कमेटी को बताया है कि अमरीकी वायु और नौसेना के पास मौजूद लगभग 300 एफ-35 युद्धक विमान, सितम्बर सन 2019 तक निर्धारित स्तर पर नहीं पहुंच पाएंगे।
एस्पर ने कमेटी को बताया है कि इस विफलता का मुख्य कारण, काकपिट में प्रयोग होने वाली पारदर्शी छतरी की सप्लाई में कमी है।

याद रहे एफ-35 में जो पायलट के ऊपर पारदर्शी छतरी होती है वह वास्तव में एन्टी राडार होती है और काकपिट को राडार की लहरों से सुरक्षित रखती है।इस समस्या से अमरीकी वायु सेना के एफ-22 युद्धक विमानों के लिए भी परेशानी हो जाएगी
इसी मध्य पेंटागन ने एक बार फिर कई दर्जन एफ-35 विमानों को खड़े कर देने का आदेश दिया है क्योंकि उनके ईंधन पाइप में खराबी है।
अमरीका के एफ-35 युद्धक विमानों में पहले ही कई प्रकार की तकनीकी खामियां दर्ज की जा चुकी हैं।
सन 2011 में टेस्ट उड़ान के दौरान भी एफ-35 युद्धक विमान की एक बड़ी खराबी नोट की गयी थी
इसके साथ ही अमरीका को सऊदी अरब में अपने पेट्रायाट एंटी मिसाइल की नाकामी पर भी शर्मिंदगी उठाना पड़ रही है।

अमरीका ने पेट्रायॅाट एंटी मिसाइल को बड़े बड़े दावों के साथ सऊदी अरब को बेचा था किंतु यमन के असारुल्लाह संगठन के हमलों को रोक पाने में विफलता के बाद पेट्रियाट एंटी मिसाइल से भी खरीदार दूर भागने लगे हैं जिसकी हालिया मिसाइल, तुर्की है जिसने अमरीका के बेहद आग्रह के बावजूद, अमरीका के पेट्रियाट एन्टी मिसाइल सिस्टम के बजाए, रूस के एस-400 एन्टी मिसाइल सिस्टम को खरीद लिया जिसकी वजह से अमरीका ने उसे एफ-35 युद्धक विमान के कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया।

हालिया दिनों में ईरान ने भी अमरीका के " सैन्य उद्योग का मुकुट" कहे जाने वाले ड्रोन विमान ग्लोबर हाक को मार गिराया था।
अमरीका के इस अत्याधिक ड्रोन विमान में राडार और मिसाइलों से बचने का बेहद जटिल और आधुनिक सिस्टम था लेकिन उसे ईरानी सेना ने देश में निर्मित मिसाइल से मार गिराया।
ग्लोबल हाक में राडार और मिसाइल से बचने का वही सिस्टम था जो अमरीका एफ-35 युद्धक विमानों में प्रयोग करता है।